यदि आपने या आपके किसी दोस्त ने हाई इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग (HIIT) वर्कआउट किया है, तो आपने “माउंटेन क्लाइम्बर्स” एक्सरसाइज का नाम जरूर सुना होगा।
हालांकि नाम से लगता है जैसे पहाड़ चढ़ना हो, लेकिन चिंता न करें — यह एक्सरसाइज जमीन पर प्लैंक पोजीशन में की जाती है।
इस लेख में हम जानेंगे कि माउंटेन क्लाइम्बर्स किन मांसपेशियों पर काम करती है, इसे सही तरीके से कैसे करें, इसके फायदे क्या हैं, और कौन-कौन से बदलाव (modifications), वेरिएशन्स और प्रोग्रेशन आप आजमा सकते हैं।
माउंटेन क्लाइम्बर्स में कौन-कौन सी मांसपेशियाँ काम करती हैं?
माउंटेन क्लाइम्बर्स एक प्रभावी बॉडीवेट एक्सरसाइज है जो शरीर की कई मांसपेशियों को सक्रिय करती है।
मुख्य मांसपेशियाँ (Primary Muscles)
- कंधे (Shoulders)
- ट्राइसेप्स (Triceps)
- छाती की मांसपेशियाँ (Chest muscles)
- सेराटस एंटीरियर (Serratus anterior)
- पेट की मांसपेशियाँ / कोर (Abdominal muscles)
ये मांसपेशियाँ प्लैंक पोजीशन में शरीर को स्थिर रखने और गुरुत्वाकर्षण के खिलाफ संतुलन बनाए रखने में मदद करती हैं।
निचले शरीर की मांसपेशियाँ (Lower Body Muscles)
- ग्लूट्स (Glutes)
- क्वाड्स (Quadriceps)
- हिप फ्लेक्सर्स (Hip flexors)
- हैमस्ट्रिंग्स (Hamstrings)
- काफ मसल्स (Calves)
ये मांसपेशियाँ पैरों की मूवमेंट के दौरान सक्रिय होती हैं।
माउंटेन क्लाइम्बर्स सही तरीके से कैसे करें
- जमीन पर हाथ और घुटनों के बल आ जाएँ।
- हाथों को कंधों की चौड़ाई पर रखें और कंधों को कलाई के ऊपर सीध में रखें।
- उंगलियों को फैलाएँ और हथेलियों से जमीन पर दबाव बनाकर शरीर को स्थिर करें।
- दाहिना पैर पीछे ले जाकर हाई प्लैंक पोजीशन में आएँ।
- फिर बायाँ पैर पीछे ले जाकर प्लैंक पोजीशन पूरी करें।
- रीढ़ (spine) को न्यूट्रल रखें।
- कंधों को स्थिर रखते हुए पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करें।
- अब दाहिने घुटने को छाती की ओर लाएँ और वापस पीछे ले जाएँ।
- यही प्रक्रिया बाएँ पैर से दोहराएँ।
यह एक रिपीटेशन (repetition) कहलाता है।
तेज गति से करने के लिए पैरों को बारी-बारी से तेजी से बदलें।
सेट और रिपीटेशन
- स्ट्रेंथ के लिए: 2–3 सेट × 10–15 धीमे रिपीटेशन
- HIIT कार्डियो के लिए: 20 सेकंड तेज × 6–8 राउंड (10 सेकंड आराम)
माउंटेन क्लाइम्बर्स के फायदे
- कार्डियो फिटनेस बढ़ाता है – तेज गति से करने पर यह दिल की सेहत सुधारता है।
- फुल बॉडी वर्कआउट – एक साथ कई मांसपेशियों पर काम करता है।
- कोर स्ट्रेंथ बढ़ाता है – प्लैंक पोजीशन के कारण पेट और कमर मजबूत होती है।
- वजन घटाने में मददगार – HIIT एक्सरसाइज होने के कारण कैलोरी तेजी से बर्न होती है।
- शुरुआती लोगों के लिए भी आसान – इसे धीमी गति से भी किया जा सकता है।
नियमित अभ्यास से हृदय रोग का खतरा भी कम हो सकता है।
माउंटेन क्लाइम्बर्स के वेरिएशन्स
1. इंक्लाइन मॉडिफिकेशन
हाथों को बेंच या स्टेप पर रखकर करें।
- कलाई और कंधों पर कम दबाव
- शुरुआती लोगों के लिए आसान
2. पुशअप हैंडल वेरिएशन
पुशअप हैंडल पकड़कर करें।
- कलाई पर कम स्ट्रेन
- बेहतर ग्रिप और आराम
3. ट्विस्ट वेरिएशन
दाहिना घुटना बाएँ कंधे की ओर और बायाँ घुटना दाएँ कंधे की ओर लाएँ।
- ऑब्लिक मसल्स (साइड एब्स) ज्यादा एक्टिव होती हैं।
4. सेमी-सर्कल वेरिएशन
घुटने को बाहर की ओर घुमाते हुए कोहनी की तरफ लाएँ।
- एब्स और लोअर बैक पर ज्यादा असर
5. डिक्लाइन प्लैंक प्रोग्रेशन
पैरों को बेंच पर रखकर करें।
- कंधों और ऊपरी शरीर के लिए ज्यादा कठिन
6. पुशअप या बर्पी के साथ
4 माउंटेन क्लाइम्बर्स + 2 पुशअप/बर्पी
- HIIT रूटीन के लिए बेहतरीन
माउंटेन क्लाइम्बर्स करते समय टिप्स
- फिसलने से बचने के लिए योगा मैट का उपयोग करें।
- कूल्हों (hips) को ज्यादा ऊपर न उठाएँ।
- कमर को नीचे झुकने न दें।
- शरीर को सिर से एड़ी तक सीधी लाइन में रखें।
- नजर सामने जमीन पर रखें।
सही फॉर्म से करने पर ऊपरी शरीर और कोर दोनों पर बेहतर असर पड़ता है।
निष्कर्ष (Bottom Line)
माउंटेन क्लाइम्बर्स एक बहुमुखी (versatile) एक्सरसाइज है जिसे हर फिटनेस लेवल के अनुसार बदला जा सकता है।
शुरुआत धीमी और नियंत्रित गति से करें, सही तकनीक पर ध्यान दें।
फिर धीरे-धीरे गति बढ़ाएँ, अलग-अलग वेरिएशन्स जोड़ें, और इसे अपने HIIT वर्कआउट का हिस्सा बनाकर बेहतर कार्डियो और फुल बॉडी फिटनेस प्राप्त करें।