फर्जी डिग्री के आरोपी अंकिव बसोया की छुट्टी हो गई

फर्जी डिग्री के आरोपी अंकिव बसोया की छुट्टी हो गई

सितंबर में दिल्ली यूनिवर्सिटी में छात्रसंघ चुनाव हुए थे. एबीवीपी से अंकिव बसोया छात्रसंघ अध्यक्ष बने थे. अब वो अपनी कुर्सी पर नहीं हैं. इस्तीफा दे दिया है. एबीवीपी ने खुद ये इस्तीफा दिलवाया है. साथ ही पार्टी के सभी पदों से परमानेंट छुट्टी हो गई है. माने सस्पेंड कर दिए गए हैं.

देख तमाशा डिग्री का

मामला वही है, फर्जी डिग्री वाला. विपक्षी संगठन काफी दिन से इस्तीफे की डिमांड कर रहे थे. आरोप था कि कर्नाटक की जिस तिरुवल्लुर यूनिवर्सिटी की मार्कशीट उन्होंने यहां एडमिशन लेते हुए लगाई है, वो फर्जी है. बसोया कभी तिरुवल्लुर यूनिवर्सिटी गए ही नहीं. उस यूनिवर्सिटी की तरफ से भी यही बयान आया कि वहां अंकिव नहीं पढ़े हैं. आजतक के पत्रकार राम किंकर सिंह ने अंकिव बसोया से बात की थी तो वो अपने टीचर्स के नाम भी नहीं बता पाए थे. नाम छोड़ो, सब्जेक्ट्स भी नहीं याद थे कि किस चीज की पढ़ाई की थी. एकदम बिहार की टॉपर रूबी मोमेंट हो गया था.

एबीवीपी कहिन

एबीवीपी का कहना है कि अध्यक्ष पद की गरिमा पर सवाल उठ रहे हैं. यूनिवर्सिटी को सही तरीके से जांच करने को कहा गया है. डीयू की तरफ से जो देरी की गई उसकी निंदा भी की. ये भी जोड़ा कि एबीवीपी स्टूडेंट वेलफेयर के लिए काम करती है. किसी तरह के फ्रॉड को सपोर्ट नहीं किया जाएगा.

हालांकि शुरुआत में ABVP ने NSUI, जो मुख्य विपक्षी पार्टी है, उस पर इल्जाम लगाया था कि हार की बौखलाहट में वो इल्जाम लगा रही है. अभी मामला पलट गया है. इस्तीफा हो गया है.